क्या इस्लाम अधिक बच्चे पैदा करने की तालीम देता है?

बहुत समय से मैं कुछ लोगों को भारतीय मुसलमानों के खिलाफ ये झूठे आरोप लगाए जाते देख रहा हूँ कि देश के हिन्दुओं के मुकाबले मुसलमान बहुत ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं, मुसलमान अपनी स्त्रियों को बच्चे पैदा करने की मशीन मानते हैं, और एक एक मुसलमान 12-12 बच्चे पैदा करता है ॥

ये भी मुस्लिमों के दुश्मनों की खीज ही है जो वो मुसलमानों के बच्चों पर उतार रहे हैं, पर वास्तव मे हमारे देश मे केवल इस्लाम ही ऐसा बड़ा धर्म है, जिसकी शरीयत मे गर्भ निरोध करने की अनुमति कुछ वैध कारणों से है , यानि यदि मां और बच्चे की सेहत सही रखने के ऐतबार से दो बच्चों मे अंतर रखने, और यदि कोई स्त्री पहले मां बन चुकी है और भविष्य मे गर्भधारण करने से उसकी जान को खतरा हो तो उसके लिए मुसलमान गर्भ निरोध कर सकते हैं
इस्लामी शरीयत मे गर्भ निरोध का "अज़्ल" नामक तरीका सुझाया गया है, 

इसका अर्थ ये है कि मुस्लिम समाज स्त्रियों को बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं मानता, बल्कि उन्हे और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा को उनके बच्चे पैदा करने से ज्यादा महत्वपूर्ण मानता है..!!

कम से कम अपने आस पास मैंने तो अन्य ऐसा कोई धर्म नही देखा जिसने गर्भ निरोध की अनुशंसा की हो, बल्कि अन्य धर्मों का जोर तो अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने पर ही रहा
क्षमा प्रार्थना के साथ मैं बताना चाहता हूँ, की स्त्री को बच्चे पैदा करने की मशीन नियोग प्रथा बनाने वालों ने समझ रखा था
रिगवेद मे नियोग का विधान बताया गया है जिसके अनुसार निस्संतान स्त्री पुरुष, संतान प्राप्ति के लिए अन्य स्त्री पुरूषों से बिना विवाह के शारीरिक सम्बन्ध स्थापित कर सकते थे 

मुस्लिमों पर अधिक बच्चे पैदा करने का आरोप मिथ्या मात्र है, वरना खुद सोचिए की आजादी के 67 साल बाद भी "कम बच्चे पैदा करने वाले हिन्दुओं" का भारत की जनसंख्या मे अनुपात "अधिक बच्चे पैदा करने वाले मुस्लिमों" के मुकाबले थोड़ा सा भी क्यों नही कम हुआ 
ये जनसंख्या अनुपात थोड़े बहुत मामूली फर्क के साथ उतना ही क्यों बना रह गया जितना आजादी के समय था ( लगभग 80% हिन्दू, लगभग 13% मुस्लिम और शेष अन्य ) बावजूद इसके कि मुस्लिमों ने तो इन 67 वर्षों मे निर्बाध अपने बच्चे पैदा किए, लेकिन हिन्दुओं ने इस बीच अपने करोड़ों अजन्मे बच्चों को मरवा डाला, क्योंकि दुर्भाग्य से वो बच्चे लड़कियां थीं ॥

ये भी ध्यान रखिए कि मुस्लिमों की जनसंख्या मे धर्म परिवर्तन कर के मुस्लिम बने लोगों का प्रतिशत धर्म परिवर्तन कर के हिन्दू बने लोगों के मुकाबले काफी अधिक है..... यानी मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ने का कारक केवल बच्चे पैदा करना नही बल्कि धर्म परिवर्तन भी है ..... अब बताईए कौन ज्यादा बच्चे पैदा करता है .....???

पर हमें अपने हिंदू भाईयों के अधिक बच्चे पैदा करने से कोई आपत्ति नही, बल्कि हम तो ये चाहते हैं कि वे अपनी जिन बेटियों को मां के पेट मे ही मार देते हैं उन सबको भी पैदा करें और जीने दें... साथ ही मैं ये भी नही मानता कि हिन्दू भाईयों के मुकाबले मुस्लिम अधिक बच्चे पैदा करते हैं, और उन्हें कम बच्चे पैदा करने चाहिए,

मुस्लिम भी जितने चाहें अपनी सुविधा के अनुसार बच्चे पैदा करें... मुझे नहीं लगता कि हिन्दू भाईयों को भी इस बात से कोई आपत्ति होगी,

वास्तव मे मुस्लिमों के बच्चों से आपत्ति केवल वो अलगाववादी जताते हैं, जो हिन्दुओं को मुस्लिमों का झूठा भय दिखाकर हिन्दुओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए उकसाते हैं... तो फिर ऐसे दोगले लोगों की फालतू बातों पर क्या ध्यान देना ....

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