रमज़ान में क्या खाएं और क्या नहीं। रोज़ेदार जरूर पढ़े।


पवित्र माह रमज़ान मुसलमानों की ज़िन्दगी में दस्तक दे चुका है। रमजान के पवित्र महीने में मुसलमानों को खाने-पीने की चीजों से पूरी तरह से दूर रहना पड़ता है। सिर्फ सूरज निकलने से पहले सूरज डूबने के बाद के बाद ही खाने-पीने की इजाजत होती है। इस दौरान क्या खाएं और क्या न खाएं पोषक तत्व के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

अक्सर रोजे के दौरान सिरदर्द, एनर्जी की कमी, चक्कर आना और थकान हो शुरू हो जाता है। हालांकि, रमजान के दौरान अगर स्वास्थ्यकर भोजन लिया जाए तो इससे बचा जा सकता है।

केम टाउन के टायगरबर्ग अकेडमिक हॉस्पिटल के आहार विशेषज्ञ सलामाह सोलोमन का कहना है, “रमजान खराब खाने की आदतों के मुक्त होने का एक बड़ा मौका है, लेकिन अधिकांश लोग इस महीने का पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं।”

वो कहते हैं कि रोजा खोलने के बाद जो भोजन हम करते हैं वह हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “रोजे का पूरा लाभ उठाने के लिए एक व्यक्ति को रमजान में सबेसे पहले खाने-खाने की चीजों के मात्रा के बारे में सोचना चाहिए।”

डॉ. सोलोमन कहना है कि जो भोजन लिया जाए वो एक साधारण भोजन नहीं होना चाहिए और न दावत की तरह। ये आपके सामान्य आहार से काफी मिलता जुलता होना चाहिए। सुलैमान कहते हैं, “एक आहार, जो सामान्य मात्रा के भोजन से कम हो, लेकिन पर्याप्त रूप से संतुलित हो, आप रमजान में स्वस्थ और सक्रिय रहने के लिए ले सकते हैं।”

इसके आगे वो बताते हैं कि एक संतुलित और पौष्टिक डाइट को बनाए रखने के लिए एक व्यक्ति को सभी तरह की खाने की चीजों को खाना चाहिए। वो बताते हैं कि एक रोजेदार को फल-सब्जियां, मांस-मछली, दूध-पनीर जैसे डेयरी उत्पादों का भरपूर सेवन करना चाहिए। वसा और चीनी वाले खाद्य पदार्थ का भी सेवन बेहद आवश्यक होता है।

सेहरी के समय वैसी डाइट लेनी चाहिए जो पूरे दिन ले लिए लाभदायक हो। लंबे समय तक स्थायी ऊर्जा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थ अधिक कार्बोहाइड्रेट और हाई-फाइबर वाले खाद्य पदार्थ होते हैं। अधिक कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ पूरे दिन धीरे-धीरे उर्जा जारी करते हैं। मसलन, गेहूं के बने सामान, जई, सेम और चावल जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

साथ ही साथ रोजे के दौरान शरीर में पानी और नमक का संतुलन बनाए रखना  बेहद जरूरी होता है। इसके लिए सबसे जरूरी होते हैं सभी तरह के महत्वपूर्ण तरल पदार्थ। इस दौरान वैसे तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए जो विटामिन और तरलता के भरपूर हो। इसके ताजे फल और कैफीन युक्त पेय पदार्थ का सेवन करना चाहिए।

इसके अलावा यह भी जानना जरूरी है कि कौन-कौन से पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। ज्यादा तली हुई चीजों जैसे-समोसे, तली हुई चिकन, तले हुए रोल और तले हुए आलू के चिप्स से बचाना चाहिए। अधिक चीनी और उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थों से भी बचना चाहिए। इसके अलावा भारतीय मिठाई जैसे-गुलाब जामुन, जलेबी, बदाम का हलवा और बरफी अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए।

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